पिछोला झील उदयपुर  Pichola Jheel Udaipur Rajasthan

राजस्थान राज्य के उदयपुर शहर के केंद्र में स्थित पिछोला झील Pichola jheel एक कृत्रिम झील है। पिछोला झील Pichola Jhil उदयपुर शहर की सबसे बड़ी और सबसे पुरानी झीलों में से एक है। पिछोला झील अपनी शांति और सुंदरता के कारण यहां आने वाले लाखों पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करती है।

पहाड़ियों, ओर ऐतिहासिक इमारतों, स्नान घाटों से घिरा यह स्थान शांति और प्रकृति प्रेमियों के लिए यह एक बेहद खुबसूरत जगह है। अगर आप पिछोला झील घुमने जा रहे हैं, तो नाव की यात्रा अवश्य करे क्योकि  इस झील की यात्रा यहाँ नाव की सवारी के बिना अधूरी है।

शाम के समय यहां बोटिंग करना बहुत खास साबित होता है क्योंकि इस समय ऐसा लगता है मानो पूरी जगह सुनहरे रंग में डूबी हो।

यहां का मनमोहक दृश्य आपको एक अलग ही दुनिया का अनुभव कराता है और आपको आनंदित बना करता है । अपने परिवार के अलावा आप अपने दोस्तों के साथ भी इस खूबसूरत जगह की यात्रा कर सकते हैं।

पिछोला झील का इतिहास | History Of Pichhola jheel

पिछोला झील का निर्माण 1362 ईस्वी में महाराजा लाखा के शासनकाल के दौरान पिचू बंजारा द्वारा किया गया था, जिसकी लंबाई 3 मील, चौड़ाई 2 मील और गहराई 30 फीट है। बाद में, इस झील के आकर्षण से मोहित होकर महाराणा उदय सिंह ने इस झील का विस्तार किया और इसके किनारों पर एक बांध भी बनाया।

पिछोला शब्द का अर्थ है 'पिछवाड़े' और झील का नाम पास के एक गांव 'पिछोली' के नाम पर रखा गया था। महाराणा उदय सिंह इस झील की सुंदरता पर मोहित थे, इसलिए उन्होंने पिछोला झील के किनारे उदयपुर शहर का निर्माण किया।

झील के परिवेश में महल, संगमरमर के मंदिर, हवेलियाँ, मंच, स्नान घाट शामिल आदि  हैं जो कई शताब्दियों पहले बनाए गए थे। इस झील के निकट कुछ प्रसिद्ध महल जिनमे जग निवास, मोहन मंदिर और जग मंदिर महल हैं। जग निवास को अब एक हेरिटेज होटल में बदल दिया गया है, जो जगद्वीप पर स्थित है। मोहन मंदिर झील के उत्तर-पूर्व में स्थित है, जिसे 1628 और 1652 के बीच जगत सिंह ने बनवाया था।

यहाँ एक अरशेविल द्वीप भी है जो उदयपुर के महाराजा द्वारा सूर्यास्त का आनंद लेने के लिए बनाया गया था। झील में पक्षियों के लिए एक अभयारण्य भी है।

पिछोला झील में नौका विहार | Vaoting in Pichhola Jheel 

 यदि आप पिछोला झील घूमने आ रहे हैं तो पिछोला झील के साफ पानी में नाव की सवारी किए बिना आपकी यात्रा अधूरी रहेगी। यहां पानी में नाव की सवारी आपको एक यादगार अनुभव दे सकती है।

आपको नाव की सवारी के लिए शुल्क देना होगा, जिसका टिकट आप सिटी पैलेस से प्राप्त कर सकते हैं। बोट राइड टिकट की कीमत वयस्कों के लिए 400-600 रुपये और बच्चों के लिए 200 रुपये है। यहाँ नाव में लगभग आठ सीटें हैं जिसे एक छतरी के साथ कवर किया गया है।

नाव की सवारी रामेश्वर घाट से शुरू होती है और आपको सबसे पहले लेक पैलेस होटल ले जाती है। फिर यह जगमंदिर तक जाता है जहाँ आप कुछ समय के लिए रुक सकते हैं और यहाँ के सुंदर दृश्यों को देख सकते हैं। नाव की सवारी के लिए सूर्यास्त का दृश्य बहुत मनोरम है।

पिछोला झील टाइमिंग | Phichhola Jheel Timing

सोमवार से रविवार

9.00 बजे से शाम 6 बजे तक

नोट: नाव की सवारी का समय सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक है

पिछोला झील घुमने का सही समय | Best Time to Travel Pichhola Lake

मानसून का मौसम जलाई के महीने से शुरू होता है और सितंबर तक चलता है। इस मौसम में आप पिछोला झील के शानदार दृश्यों का आनंद ले सकते हैं।

उदयपुर का तापमान मानसून के मौसम के दौरान 25 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है, इसलिए यह समय झील की सैर का एक आदर्श समय है। घूमने का सबसे अच्छा समय है। 

पिछोला झील उदयपुर तक कैसे पहुंचे | How to reach Pichhola Jheel

नजदीकी रेलवे स्टेशन  - उदयपुर राजस्थान

नजदीकी हवाई अड्डा- उदयपुर राजस्थान

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