सहेलियों की बाड़ी उदयपुर | Saheliyon ki Badi Udaipur in hindi


Saheliyon ki badi in hindi - राजस्थान के उदयपुर जिले में स्थित सहेलियों की बाड़ी प्रशिद्ध ऐतिहासिक स्मारक है यह उदयपुर शहर के प्रशिद्ध पर्यटन स्थलों में एक हैं। सहेलियों की बाड़ी एक प्रमुख और लोकप्रिय उद्यान तथा दर्शनीय स्थल है। जिसमे संगमरमर के हाथी बने हुए हैं साथ ही तालाब में कमल के फूल साथ ही  पानी में चलते फव्वारे और हवादार छतरी भी बनी हुई हैं।

इंग्लैंड से मंगवाए गए फव्वारे सहेलियों की बाड़ी में मुख्य आकर्षण का केंद्र हैं। उदयपुर में रहने वाले लोगों के लिए यहाँ  प्रति वर्ष श्रावण मास की अमावस्या को मेला लगता हैं। सहेलियों की बाड़ी फतेहसागर झील के किनारे बनी हुई हैं।

सहेलियों की बाड़ी गार्डन का इतिहास, पारंपरिक वास्तुकला और शाही संरचना दुनिया भर से प्रशिद्ध है। यह गार्डन उदयपुर शहर घूमने आने वाले पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करती है।

सहेलियों की बाड़ी गार्डन का ऐतिहासिक महत्वपूर्ण स्थल है। यह स्मारक बड़े-बड़े पेड़ों, हरी भरी झाड़ियों और फूलों के बागों से घिरा हुआ है। यहां स्थित राजसी फव्वारों, संगमरमर के मंडप और मूर्तियों के साथ भव्य कमल पूल से इस बगीचे की सुंदरता कई गुना बढ़ देते है। पहले यह स्थान सिर्फ शाही महिलाओं के लिए सुलभ था लेकिन अब यह एक पर्यटन स्थल बन चुका है। 

सहेलियों की बाड़ी का इतिहास | Saheliyon Ki Badi History

सहेलियों की बाड़ी का निर्माण उदयपुर के महाराणा महाराणा संग्राम सिंह ने 18 वीं शताब्दी में सन 1710 ईस्वी से 1734 ईस्वी के बीच करवाया था। इसका निर्माण महाराजा संग्राम सिंह की शादी के बाद राजकुमारी के साथ आने वाली युवतियों के लिए करवाया था। कहा जाता है की राजा संग्राम सिंह ने खुद सहेलियों की बाड़ी को डिजाइन किया और अपनी खूबसूरत रानी को यह स्मारक तोहफे में दिया था।

कहा जाता है की रानी को बारिश की आवाज बहुत पसंद थी इसलिए राजा ने इसमें बारिश की आवाज के लिए शानदार फव्वारे भी लगाये हैं जो गेट के दोनों तरफ इस शाही गार्डन में पर्यटकों का स्वागत करते हैं। इसके साथ ही बगीचे के बीच में भी फव्वारे लगे हुए हैं, जो गार्डन के हर कोने में बारिश जैसा एहसास करवाते हैं।

सहेलियों की बाड़ी उद्यान बहुत खूबसूरत और हराभरा हैं साथ ही इसमें संगमरमर के पत्थरों से किया गया निर्माण देखने योग्य हैं।  चिड़िया की चोंच के आकार के फव्वारे जो कि इंग्लैंड से मंगवाए गए हैं, इस बगीचे का आकर्षण कई गुना बढ़ा देते हैं। इन पक्षियों की चोंच से लगातार पानी गिरता रहता है।

सहेलियों की बाड़ी उद्यान अन्दर एक संग्रहालय भी बना हुआ हैं।

Saheliyon ki bari Udaipur timings-

प्रतिदिन सुबह 9 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक रहती हैं। इस समय के दौरान आप भ्रमण कर सकते हैं।

Saheliyon Ki Bari Entry Fees

भारतीयों के लिए 10 रुपये

विदेशियों के लिए 50 रुपये

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